अक्षय तृतीया के दिन घटी थीं ये 10 पौराणिक घटनाएं

shri krishana
अक्षय तृतीया का पर्व हर साल वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश सहित पूरे उत्तर भारत में मनाया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे आखातीज या अक्खा तीज कहते हैं। आओ जानते हैं इस संबंध में पौराणिक तथ्य।


1. इस दिन भगवान नर-नारायण सहित परशुराम और हयग्रीव का अवतार हुआ था।

2. इसी दिन ब्रह्माजी के पुत्र अक्षय कुमार का जन्म भी हुआ था।
कुबेर को खजाना मिला था।

3. इसी दिन बद्रीनारायण के कपाट भी खुलते हैं।
जगन्नाथ भगवान के सभी रथों को बनाना प्रारम्भ किया जाता है।

4. इसी दिन मां गंगा का अवतरण भी हुआ था।

5. इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर के पूछने पर यह बताया था कि आज के दिन जो भी रचनात्मक या सांसारिक कार्य करोगे, उसका पुण्य मिलेगा।
6. अक्षय तृतीया के दिन ही वृंदावन के बांके बिहारी जी के मंदिर में श्री विग्रह के चरणों के दर्शन होते हैं।

7. इसी दिन सुदामा भगवान कृष्ण से मिलने पहुंचे थे।
प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ ऋषभदेवजी भगवान के 13 महीने का कठीन उपवास का पारणा इक्षु (गन्ने) के रस से किया था।

8. इसी दिन सतयुग और त्रैतायुग का प्रारंभ हुआ था और द्वापर युग का समापन भी इसी दिन हुआ।

9. अक्षय तृतीया के दिन से ही वेद व्यास और भगवान गणेश ने महाभारत ग्रंथ लिखना शुरू किया था।आदि शंकराचार्य ने कनकधारा स्तोत्र की रचना की थी।

10. इसी दिन महाभारत की लड़ाई खत्म हुई थी।



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