अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से : सब लोग एक जैसा सोचते हैं...

FILE


पूर्णमासी के दिन बाग के बाहर लोगों की कतार लग गई। इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा था कि हर घर से कोई न कोई वहां जरूर आए। सभी के हाथों में भरे हुए पात्र (बरतन) दिखाई दे रहे थे।

बादशाह दूर बैठे यह सब देख रहे थे और एक-दूसरे को देख मुस्करा रहे थे। सांझ ढलने से पहले कुंए में दूध डालने का काम पूरा हो गया। हर घर से दूध लाकर कुंए में डाला गया था।
WD| Last Updated: गुरुवार, 28 अगस्त 2014 (14:39 IST)

ने कुंए में झांका तो क्या देखा....




और भी पढ़ें :