अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से : राखपत और रखापत

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बीरबल बोले 'हुजूर राखपत का मतलब हैं मैं आपके रखूं और रखापत का मतलब हैं आप मेरी बात रखो। यह मेलजोल और प्रेमभाव जिस पत में नहीं है, उस पत का क्या मतलब हैं। प्रेमभाव हैं तो जंगल में भी मंगल हैं और प्रेमभाव नहीं तो नगर भी नरक का द्वार हैं।

बादशाह अकबर बीरबल की बातों को सुनकर बहुत खुश हुए और उन्हें कई इनामों से नवाजा।

(समाप्त)


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